नयी दिल्ली , जुलाई 02 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तीन जुलाई को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
लोकसभा सचिवालय ने गुरुवार को बताया कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान विधायी कार्य के प्रमुख आयामों पर केंद्रित तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की जायेगी। इनमें 'एक प्रभावी विधायक कैसे बनें, सदस्यों के लिए संसदीय परंपराएं, परिपाटी एवं शिष्टाचार', 'विधानमंडलों में प्रश्नों एवं अन्य प्रक्रियात्मक साधनों के माध्यम से कार्यपालिका की उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना', 'भारतीय संसद की समिति प्रणाली', 'निजी सदस्य विधेयकों सहित विधायी प्रक्रिया', 'संसद में वित्तीय कार्य एवं बजटीय प्रक्रिया', 'संसदीय विशेषाधिकार एवं आचारनीति' तथा 'राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा)' विषयों पर विचार-विमर्श किया जायेगा।
विभिन्न राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, संसद सदस्य, संवैधानिक विशेषज्ञ तथा देशभर के वरिष्ठ संसदीय विशेषज्ञ इन सत्रों की अध्यक्षता तथा संबोधन करेंगे। कार्यक्रम से विचारों एवं सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ प्रतिभागियों की विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक शासन के संबंध में समझ को और सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है।
प्रबोधन कार्यक्रम का समापन चार जुलाई को पश्चिम बंगाल विधान सभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि के समापन संबोधन के साथ होगा। इस सत्र को श्री बिरला, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधान सभा के अध्यक्ष रथीन्द्र बोस तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति संबोधित करेंगे।
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