कोलकाता , अप्रैल 27 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में अपनी जांच तेज करते हुए हाल ही में कोलकाता, हावड़ा और बर्धमान में 11 ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और अन्य संदिग्धों से जुड़े ठिकानों पर की गयी, जिसमें 18.4 लाख रुपये नगद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक कुल 49.3 लाख रुपये की नगदी बरामद हो चुकी है।

जांच में खुलासा हुआ कि सरकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से बाजार से खरीदा जाता था। इसके बाद, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के चिह्नों वाली बोरियों को पलटकर गेहूं की धोखाधड़ी से री-पैकिंग की जाती थी और उसे घोजाडांगा एलसीएस के रास्ते बंगलादेश निर्यात कर दिया जाता था। इस घोटाले में निर्यातकों, थोक विक्रेताओं, आपूर्तिकर्ताओं और कमीशन एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क शामिल है।

पुलिस ने अब तक इस सिलसिले में निरंजन चंद्र साहा, शहाबुद्दीन शेख और शाहिदुर रहमान को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान लगभग 175 ट्रकों में लदा 5,101.25 टन सरकारी गेहूं जब्त किया गया है। फर्जी चालान, बिल और वाहनों के गलत दस्तावेजों के जरिये इस अवैध व्यापार को वैध दिखाने की कोशिश की गयी थी।

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