भुवनेश्वर , मई 05 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कथित अन्याय, उत्पीड़न और अहंकार के खिलाफ जनता का एक ऐतिहासिक जनादेश बताया है।
श्री प्रधान ने कहा कि यह फैसला बंगाल के लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है, जिन्होंने सत्ताधारी दल के वर्षों के कुशासन के बजाय भाजपा के शासन मॉडल को चुना है।
केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य में पार्टी की पहली जीत है। उन्होंने इस अभियान का मार्गदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को धन्यवाद दिया।
महिलाओं के मुद्दों पर जोर देते हुए श्री प्रधान ने दावा किया कि बंगाल की महिला मतदाताओं ने सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा किए गए कथित अत्याचारों और संवेदनहीन बयानों का कड़ा विरोध किया है।
श्री प्रधान ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं की गरिमा और उनके कल्याण की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार ने आदिवासी समुदायों की उपेक्षा की, किसानों को केंद्रीय कल्याणकारी लाभों से वंचित रखा और युवाओं की बेरोजगारी को दूर करने में असफल रही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता का यह फैसला इन नीतियों को सिरे से खारिज करने जैसा है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनके अटूट विश्वास की जीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जीत से डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'सोनार बांग्ला' के सपने को पूरा करने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
असम का जिक्र करते हुए श्री प्रधान ने भाजपा को लगातार तीसरी बार निर्णायक जनादेश देने के लिए वहां के मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति को नकार दिया है और श्री मोदी तथा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के विकास एजेंडे पर अपनी मुहर लगाई है।
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