कोलकाता , अगस्त 31 -- पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को साल्ट लेक स्थित 'स्वास्थ्य भवन' में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में 19 अगस्त तक डेंगू के 4,035 मामले दर्ज हुए हैं और सात मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

डेंगू से संक्रमित पाये गये अन्य मरीजों की मौतों को जोड़ने पर कुल मौतों का आंकड़ा 10 तक पहुंच गया है। शाम पांच बजे होने वाली इस बैठक में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के आयुक्त, 21 नगर पालिकाओं के कार्यपालक अधिकारी और नगर विकास, परिवहन व सिंचाई विभागों के वरिष्ठ अफसर हिस्सा लेंगे। प्रशासन ने रेलवे अधिकारियों को भी बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिये हैं।

राज्य में लगभग सभी नगर निकाय बोर्ड भंग हैं। स्थानीय निकायों का कामकाज ठप होने से बढ़ती चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया, "मच्छर का लार्वा नष्ट करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को फिलहाल आयुष्मान भारत से जुड़े कामों में लगा दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर भी डेंगू नियंत्रण उपायों की ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहे हैं।"19 अगस्त तक राज्य में डेंगू की पॉज़िटिविटी दर 0.7 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह एक प्रतिशत थी। वर्ष 2025 के शुरुआती 33 हफ्तों में दर्ज 6,488 मामलों के मुकाबले इस वर्ष अब तक 4,035 मामले ही सामने आये हैं। अधिकारियों ने कम पॉज़िटिविटी दर के आधार पर हालांकि अंतिम निष्कर्ष न निकालने की चेतावनी दी है, क्योंकि 2025 की तुलना में इस वर्ष कम टेस्ट हुए हैं। पिछले वर्ष राज्य में डेंगू से 19 लोगों की जान गयी थी।

राज्य के कई इलाकों में अचानक डेंगू फैलने की रिपोर्ट हैं। इनमें जलपाईगुड़ी के माल और मटियाली; मुर्शिदाबाद के जलांगी और रघुनाथगंज-दो, पूर्व बर्द्धमान के भातार और पूर्वस्थली-एक; दक्षिण 24 परगना के भांगड़-एक और भांगड़-दो, तथा नादिया के तेहट्टा-एक और चकदहा शामिल हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित