फाल्टा , जून 17 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य भर में आयोजित किए जा रहे 'जन कल्याण शिविर' की अवधि गुरुवार तक के लिए बढ़ा दी गयी है।
सोमवार से शुरू हुए ये शिविर पहले बुधवार को समाप्त होने वाले थे।
दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में यह घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता से मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया को देखते हुए उनकी सरकार ने इन शिविरों की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इन शिविरों में रिकॉर्ड भीड़ देखी गई है। समय की कमी के कारण हर क्षेत्र में शिविर आयोजित नहीं किए जा सके, जिसकी वजह से लोगों की लंबी कतारें लग गयीं। जनता ने इस सरकार पर अपना भरोसा और विश्वास जताया है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी पात्र लाभार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिले।"श्री अधिकारी ने कहा, "हमने इन शिविरों की शुरुआत इसलिए की है ताकि बिना किसी भ्रष्टाचार या बिचौलियों (दलालों) के सेवाएं सीधे लोगों तक पहुंच सकें। इसी वजह से हमने शिविरों को कल तक जारी रखने का फैसला किया है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार या बिचौलियों के पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से 'लक्ष्मी भंडार' में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, "पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान लक्ष्मी भंडार योजना में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ था। कई जगहों पर महिला लाभार्थियों के हिस्से का पैसा पुरुषों द्वारा निकाल लिया गया। हम उचित फॉर्म और एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सहायता प्रदान करना चाहते हैं।"श्री अधिकारी ने प्रमुख कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए निवासियों से 'आयुष्मान भारत' और 'पीएम सूर्य घर योजना' का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के करीब 1.43 करोड़ परिवारों और लगभग 6.5 करोड़ लोगों को कवर किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने 'अन्नपूर्णा योजना' के लाभार्थियों की पहचान के लिए नए आवेदन फॉर्म भरवाने के सरकार के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय इस योजना में भी भ्रष्टाचार फैला हुआ था।
श्री अधिकारी ने घोषणा की कि जो पात्र लाभार्थी अभी तक सहायता प्राप्त नहीं कर पाए हैं, वे इन कल्याण शिविरों में जाकर जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें, उन्हें एक जुलाई से 3,000 राशि की राशि मिलनी शुरू हो जायेगी।
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