कोलकाता , अगस्त 18 -- पश्चिम बंगाल का पर्यटन विभाग उत्तर बंगाल की चाय विरासत को पर्यटन से जोड़ने के लिए सर्दियों में दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी में चाय उत्सव आयोजित करेगा तथा चाय बागानों में पर्यटकों के ठहरने की सुविधा शुरू करेगा।
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने मंगलवार को बताया कि दार्जिलिंग में चाय उत्सव प्रतिष्ठित मॉल में आयोजित किया जायेगा, जबकि सिलीगुड़ी में होने वाले उत्सव में चाय की पत्तियां तोड़ने से लेकर कप में चाय परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया प्रदर्शित की जायेगी। उन्होंने कहा कि पुराने चाय बागान के ऐतिहासिक बंगलों को विरासत स्थल के रूप में विकसित कर पर्यटकों के ठहरने के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। इससे पर्यटकों को चाय बागान के जीवन और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
श्री घोष ने कहा कि सरकार दार्जिलिंग की पहचान को केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि यहां की विश्व प्रसिद्ध चाय को भी पर्यटन की पहचान बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि दोनों चाय उत्सवों का उद्देश्य चाय को एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में स्थापित करना है।
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