कोलकाता , जुलाई 08 -- पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीया बच्ची की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के मुख्य आरोपी को बुधवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि उत्पीड़न की शिकार पीड़ितों को न्याय दिलाना सरकार का संवैधानिक फर्ज है।
पुलिस मामले में मुख्य संदिग्धों में से एक प्रभास मंडल को घटनाक्रम को दोहराने के लिए ले जा रही थी, तभी उसने कथित तौर पर साथ चल रहे अधिकारी का सर्विस हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इस क्रम में पुलिस ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गयी। इस घटना के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।विशेष जांच दल (एसआईटी) ने चौथे आरोपी कबीर मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गयी है।
मुठभेड की आड़ में मुख्य आरोपियों को बचाने और जांच की दिशा मोड़ने के तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को श्री भट्टाचार्य ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने इसे 'भ्रामक प्रचार' करार देते हुए कहा कि बंगाल की जनता विपक्ष के इन बेबुनियाद दावों पर जरा भी यकीन नहीं करती। उन्होंने कहा, "जनता तृणमूल को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कामदुनी की घटना देखी है और तृणमूल के 15 साल के शासन को भी झेला है। इस पार्टी के बयानों की कोई विश्वसनीयता नहीं है। वे भ्रामक बातें फैलाते रह सकते हैं, लेकिन समाज इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा।"श्री भट्टाचार्य ने कहा कि यद्यपि भाजपा सत्ता में आयी है, लेकिन प्रशासन अब पूरे पश्चिम बंगाल की सरकार के रूप में काम कर रहा है और मतदाताओं से किये गये वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "दलीय राजनीति को किनारे रखकर, जनता की चुनी यह सरकार अब पूरे पश्चिम बंगाल की सरकार है। यह एक राज्य सरकार के रूप में ही काम करेगी। लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए राज्य सरकार पार्टी के घोषणापत्र में शामिल संकल्पों को लागू करने और सत्ता में लाने वाली जनता से किये गये वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।"उन्होंने कहा कि बारुईपुर मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई न्याय सुनिश्चित करने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति बनाये रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्ष 2013 के कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले से इसकी तुलना करते हुए श्री भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से आग्रह किया कि पिछली सरकार के उस मामले की जांच में की गई कमियों की दोबारा जांच करायी जाये।
उन्होंने कहा, "किसी भी राजनीतिक दल को ऐसी घटनाओं पर सियासत नहीं करनी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से कामदुनी मामले की फाइल दोबारा खोलने की अपील करता हूं। पिछली सरकार के दौरान जिस तरह से जांच की गयी थी, उसकी एक बार फिर समीक्षा की जानी चाहिए।"श्री भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि जांच की कमियों के कारण ही कामदुनी मामले के कई आरोपी बाद में बरी हो गये थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि न्याय के साथ कोई समझौता न हुआ हो।
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