कोलकाता , जून 22 -- पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को राज्य में भाजपा सरकार का पहला बजट पेश करते हुए प्रशासनिक पुनर्गठन के मकसद से पाँच नए ज़िले बनाने का प्रस्ताव रखा।

वित्त मंत्री ने विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि नए ज़िले बनाने का प्रस्ताव प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के मकसद से लाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कदम से शासन लोगों के करीब आएगा और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच बेहतर होगी।

बजट में घोषित प्रस्ताव के अनुसार, अगर योजना को अंतिम मंज़ूरी मिल जाती है, तो पाँच नए ज़िले (कोलकाता, बशीरहाट, सुंदरबन, जंगीपुर और आरामबाग ) बनाए जाएँगे।सरकार ने बड़ी प्रशासनिक विस्तार योजना के तहत कई नई सब-डिविजन और नगर पालिकाएं बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, कांथी एक नया पुलिस ज़िला बनेगा और गोपीबल्लभपुर में एक नया सब-डिविजन होगा। इसके अलावा, गज़ोल, चंचोल, शिबमंदिर, बेलडा, बागनान, जयगाँव, कोलाघाट, कामारपुकुर और तुंगीदिघी में नौ नई नगर पालिकाएं बनाई जाएंगी।

श्री दासगुप्ता ने कहा कि इस पुनर्गठन का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना और मौजूदा ज़िलों पर बोझ कम करना है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में आबादी और भौगोलिक दायरे के लिहाज़ से इन ज़िलों काफ़ी विस्तार हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि छोटी प्रशासनिक इकाइयाँ सरकारी सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बेहतर तालमेल बिठाने में मदद कर सकती हैं।

यह प्रस्ताव इसलिए भी अहम है क्योंकि बजट में बताए गए कुछ ज़िलों का ज़िक्र पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार सुंदरबन और बशीरहाट जैसे ज़िले बनाने की योजनाओं की घोषणा की थी।

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