कोलकाता , मई 02 -- पश्चिम बंगाल में शनिवार को दक्षिण 24 परगना ज़िले की डायमंड हार्बर और मगराहाट विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर चल रहे पुनर्मतदान में नौ बजे 16.23 प्रतिशत से मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।

मतदान आज सुबह सात बजे शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान हुई कई गड़बड़ियों का पता चलने के बाद यह पुनमर्तदान कराया जा रहा है।

आयोग के अनुसार यह पुर्नमतदान मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों और डायमंड हार्बर सीट के चार बूथों पर करवाया जा रहा है। ये सभी बूथ केंद्रीय बलों की निगरानी में हैं। मगराहाट पश्चिम में पहले दो घंटों में मतदान का प्रतिशत 16.68 तक पहुँच गया, जबकि डायमंड हार्बर में यह थोड़ा कम, 15.83 प्रतिशत दर्ज किया गया।

मगराहाट पश्चिम के कई बूथों पर मतदाता फिर से कतारों में खड़े दिखे इनमें उत्तर इयारपुर एफपी स्कूल, नज़रा एफपी स्कूल (दो बूथ) और एकतारा मलाया एफपी स्कूल (दो बूथ) शामिल हैं। डायमंड हार्बर में, बागदा जूनियर हाई स्कूल और रायनागर एफपी स्कूल जैसे बूथों पर दोबारा मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है।

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, दोबारा मतदान करवाने का फ़ैसला संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा सौंपी गई विस्तृत रिपोर्टों के आधार पर लिया गया था। गत 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान इन बूथों से अशांति और कथित गड़बड़ियों की कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद आयोग ने गहन समीक्षा करने के बाद पहले डाले गए वोटों को रद्द करने का फ़ैसला किया।

इस बीच, फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान करवाने के संबंध में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि कई ऐसे बूथों की जाँच-पड़ताल अभी भी जारी है, जहाँ ईवीएम में खराबी और छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। हालाँकि, इन बूथों के अलावा फलता के 30 से ज़्यादा अन्य बूथों की सीसीटीवी फ़ुटेज की बारीकी से जाँच की जा रही है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, इन बूथों पर ईवीएम के साथ चिपकने वाले टेप का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ करने, मतदान के घंटों के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद करने और कुछ बूथों पर मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से ज़्यादा (लगभग शत-प्रतिशत) होने के आरोप लगे थे।

अधिकारियों ने बताया कि कोई भी आगे की कार्रवाई करने से पहले, सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इन मुद्दों की बार-बार समीक्षा की जा रही है। फालता निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर से उम्मीद है कि वे जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद चुनाव आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद फालता में दोबारा मतदान कराया जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर लिया जाएगा।

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