कोलकाता , जुलाई 24 -- पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए राज्य सरकार 15 अगस्त तक व्यापार और उद्योग क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है। यह जानकारी राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने शुक्रवार को दी।

वित्त मंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीतियां तैयार करते समय सरकार बेहतर बुनियादी ढांचा और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके।

श्री दासगुप्ता ने कहा, "व्यापार और उद्योग के लिहाज से सिंगूर हमारे लिए एक दाग है। हमें इस स्थिति को बदलना होगा और इसे नई पहचान देनी होगी।" उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उच्च तकनीक वाले उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय नीतियां बनाई जाएंगी। साथ ही डेटा सेंटर स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा, क्योंकि इससे दूसरे उद्योगों और रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है।

वित्त मंत्री 'बंगाल की अर्थव्यवस्था की बेहतर संभावनाएं' विषय पर मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उद्योगों को मिलने वाली सब्सिडी के बारे में पूछे जाने पर श्री दासगुप्ता ने कहा कि उनकी राय में यदि बेहतर बुनियादी ढांचा और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाए तो उद्योगपति अपने आप निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि सब्सिडी केवल कुछ चुनिंदा उद्योगों के लिए जरूरी होती है, जबकि सरकार की प्राथमिकता बेहतर वातावरण और मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इसकी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) के लिए अभी राज्य में कोई कानून नहीं है, जिसे बनाया जाएगा। इसके बाद एसईजेड स्थापित करने का रास्ता भी साफ होगा।

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