सिलीगुड़ी , अक्टूबर 24 -- पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार अगले साल दुर्गा पूजा के लिए दिशा-निर्देश नवंबर या दिसंबर में पूजा समितियों को उपलब्ध कराएगी, ताकि उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार त्योहार की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकें।

सिलीगुड़ी में विशेष रूप से हिल कार्ट रोड की सड़कों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्री घोष ने कहा कि दिशा-निर्देशों में अगले साल पूजा के दौरान समितियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का विवरण होगा।

श्री घोष ने सिलीगुड़ी नगर निगम के आयुक्त, सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के आयुक्त, अन्य अधिकारियों और पार्टी नेताओं के साथ शनिवार सुबह हिल कार्ट रोड तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य दुर्गा पूजा के बाद की स्थिति का आकलन करना था।

उन्होंने पूजा समितियों को प्रमुख सड़कों पर त्योहार के दौरान बनाए गए अस्थायी द्वार और तोरण तत्काल हटाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उत्सव समाप्त होने के बाद ऐसी संरचनाओं को सात से 10 दिनों तक लगे रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनके निर्देश के बाद शनिवार सुबह कई क्लबों ने इन्हें हटाना शुरू कर दिया।

तीन दिनों तक चली प्रतिमा विसर्जन प्रक्रिया के दौरान सामने आई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि विसर्जन जुलूस से लेकर नदी के घाटों पर की गई व्यवस्थाओं तक कई स्तरों पर खामियां देखी गईं। उन्होंने जुलूस में इस्तेमाल किए गए वाहनों की स्थिति, उनमें यात्रा करने वाले लोगों की संख्या और चालकों की हालत पर चिंता जताई।

श्री घोष ने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा, "जब चालक वाहन चलाने की स्थिति में नहीं था, तब पुलिस ने वाहन को अपने नियंत्रण में ले लिया।"उन्होंने कहा कि पूजा समितियों से जुड़ी सभी खामियों को दर्ज कर लिया गया है और इन रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक सलाह दी जाएगी तथा कार्रवाई की जाएगी।

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