सिलीगुड़ी , सितंबर 12 -- पश्चिम बंगाल में मालदा के मानिकचक घाट पर शनिवार को गंगा का जलस्तर घटने लगा जिससे स्थानीय निवासियों और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले के कई हिस्सों में चिंता बढ़ गयी थी । शनिवार को चार बजे शाम तक मानिकचक में गंगा का जलस्तर 26.03 मीटर दर्ज किया गया, जो पहले 26.09 मीटर था।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर फिलहाल स्थिर है और उम्मीद जतायी कि अगले दो दिनों में इसमें और कमी आयेगी। नदी हालांकि अब भी अति खतरे के निशान से लगभग 73 सेमी ऊपर बह रही है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से रतुआ, मानिकचक, कालियाचक-द्वितीय, कालियाचक-तृतीय और इंग्लिश बाजार के कई निचले व असुरक्षित इलाके प्रभावित हुए हैं। मानिकचक का भुटनी दियारा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी में घिरे हैं।

जलस्तर में धीरे-धीरे आ रही गिरावट से इंग्लिश बाजार शहर को खास राहत मिली है। पहले यह आशंका जतायी जा रही थी कि पानी लगातार बढ़ा तो पूरे जिले में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

मालदा के जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने बताया कि उत्तरी भुटनी और उससे सटे तटीय गांवों में राहत कार्यों को गति देने के लिए उत्तर चांदीपुर ग्राम पंचायत कार्यालय में एक क्षेत्रीय राहत कार्यालय खोला गया है।

यह कार्यालय उन इलाकों के लिए एक स्थानीय बेस के रूप में काम करेगा, जहां वर्तमान जलभराव के कारण भुटनी पुल से पहुंचना कठिन हो गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था से राहत सामग्री, चिकित्सीय सहायता, बचाव कार्य और अन्य जरूरी सेवाओं को तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। भुटनी में 11 राहत शिविर और 15 सामुदायिक रसोई चल रही हैं। इलाके में 111 नावें तैनात की जा चुकी हैं, जबकि 30 और नावें जोड़ी जा रही हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 141 हो जायेगी।

प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 4,595 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। प्रशासन ने भुटनी में 33,965 तिरपाल, 4,170 आपदा प्रबंधन राहत किट और 376 क्विंटल चावल वितरित किया है।

मानिकचक में 15 मेडिकल टीमें और नावों पर आधारित मोबाइल मेडिकल कैंप लगाये गये हैं। इन टीमों ने 7,482 मरीजों का इलाज किया है और जरूरत पड़ने पर 246 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। आपात स्थिति के लिए 310 एंटी-वेनम किट भी तैनात रखी गयी हैं।

पीने के पानी और स्वच्छता की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मानिकचक में छह पानी के टैंकर, 308 चापाकल, 66,500 पेयजल पाउच, 1,600 पेयजल जार और 196 अस्थायी शौचालय बनाये गये हैं। राहत केंद्रों, आश्रय स्थलों और अन्य आवश्यक सेवाओं को बिजली देने के लिए 58 जनरेटर लगाये गये हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य टीमें भी काम कर रही हैं। भुटनी में 65 पशु स्वास्थ्य शिविर चल रहे हैं, जहां 7,472 मवेशियों का इलाज किया गया है। प्रशासन ने प्रभावित पशुपालकों के लिए 500 क्विंटल चारा खरीदा है। ऐतिहासिक रूप से इंग्लिश बाजार शहर फरक्का परियोजना के तहत बने तटबंध पर निर्भर रहा है।

फरक्का बैराज से मालदा टाउन स्टेशन की ओर फैला यह तटबंध 1970 के दशक में बैराज बनने के बाद बाढ़ सुरक्षा के लिए तैयार किया गया था।

गंगा के बाएं किनारे पर रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए बाद में कई अन्य तटबंध बनाये गये। समय-समय पर नदी के कटाव से हालांकि इनके कई हिस्से क्षतिग्रस्त होकर बह गये। जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने कहा कि भुटनी दियारा के बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष प्रबंध किये गये हैं। उन्होंने शुक्रवार को नाव से प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद अधिकारियों को राहत कार्य और तेज करने के निर्देश दिये थे।

इस बीच सिंचाई राज्य मंत्री जोयेल मुर्मू ने शनिवार को कालियाचक-तृतीय ब्लॉक के वैष्णवनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उनके साथ जिला अध्यक्ष अजय गांगुली समेत अन्य अधिकारी और भाजपा नेता मौजूद थे।

रतुआ-प्रथम और मानिकचक के भुटनी इलाके में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गयी हैं, जबकि भारतीय सेना की एक बचाव टीम भी राहत और बचाव अभियान में लगी हुई है।

मानिकचक में गंगा का जलस्तर घटने से प्रशासन को उम्मीद है कि यदि अगले दो दिनों तक पानी इसी तरह कम होता रहा, तो स्थिति में और सुधार आयेगा।

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