बेतिया , मई 23 -- बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी पूरी कर ली है।

जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में 28 फरवरी, 10 अप्रैल, 8 मई एवं 20 मई को समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा 21 मई को मुख्यमंत्री स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रशासन ने राहत सामग्री आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है तथा 44 प्रकार की राहत सामग्रियों का दर निर्धारण किया गया है। जिले के वेयर हाउस में 21,244 पॉलीथीन शीट सुरक्षित रखी गई हैं, जबकि विभिन्न अंचलों में 11,713 पॉलीथीन शीट उपलब्ध कराई गई हैं। बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक सरकारी एवं 91 निजी नावों समेत कुल 92 नावों का निबंधन किया गया है।

जिले में 271 बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्र चिन्हित कर उनका सत्यापन पूरा कर लिया गया है। 10 आधुनिक बाढ़ आश्रय स्थल भी तैयार हैं। एसडीआरएफ की 27 सदस्यीय टीम मझौलिया के शिकारपुर में तथा अतिरिक्त टीम बगहा अनुमंडल के मधुबनी प्रखंड में तैनात की गई है।

आपदा पीड़ित परिवारों को आनुग्रहिक राहत राशि के भुगतान के लिए 1.23 लाख से अधिक परिवारों का डाटा आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अपलोड किया गया है।

जल संसाधन विभाग ने तटबंध मरम्मत एवं कटाव निरोधी अधिकांश कार्य पूरे होने की जानकारी दी है। कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार कर सरकार को भेज दी है। पशुपालन विभाग ने पशु चारा एवं दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है।

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ एवं जलजनित बीमारियों से निपटने के लिए चिकित्सा दलों का गठन किया है तथा आवश्यक दवाओं का भंडारण किया गया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 1512 खराब चापाकलों में से 1377 को ठीक कर चालू कराने की जानकारी दी है।

नगर निकायों में नालों की सफाई, पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़कों की त्वरित मरम्मत की तैयारी तथा ऊर्जा विभाग द्वारा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित