बेतिया , जून 08 -- िहार के पश्चिम चंपारण जिले की ऐतिहासिक गांधीवादी धरोहर को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। चनपटिया स्थित प्रजापति, गांधी आश्रम वृंदावन और आसपास के क्षेत्र की लगभग 103 बीघा भूमि पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के अंतर्गत गांधी स्मृति केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।इस प्रस्तावित केंद्र का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, ग्राम स्वराज, स्वावलंबन एवं ग्रामीण विकास के सिद्धांतों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना है। यहां प्रदर्शनी, शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियां, पुस्तकालय, कुटीर उद्योग आधारित कार्यक्रम तथा विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने की योजना है।

समिति वर्तमान में वृंदावन आश्रम एवं सिरसिया अड्डा में दो बुनियादी विद्यालयों का संचालन कर रही है, जहां शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, स्वच्छता एवं स्वावलंबन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रस्तावित गांधी स्मृति केंद्र से इन गतिविधियों को और अधिक विस्तार मिलने की संभावना है।

इस संबंध में पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने समिति की ओर से जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। यह प्रयास गांधीवादी विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समिति के अनुसार यह संस्था भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसका उद्देश्य गांधीजी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री तथा उपाध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल हैं।

स्थानीय स्तर पर इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस केंद्र के स्थापित होने से चंपारण की ऐतिहासिक पहचान और मजबूत होगी तथा युवाओं को गांधीवादी विचारों से सीखने का अवसर मिलेगा।

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