नयी दिल्ली , अप्रैल 24 -- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर वैकल्पिक ईंधन को अपनाने पर जोर देते हुए हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताया।

श्री गडकरी ने यहां एक निजी होटल में आयोजित दूसरे लॉजिस्टिक्स शक्ति सम्मेलन 2026 में को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया ने हाल में आपूर्ति श्रृंखला में जैसी बाधा देखी है उसके मद्देनजर आने वाले समय में वैकल्पिक ईंधनों और जैव ईंधनों पर विचार करना होगा।

हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत अभी ऊर्जा आयातक देश है लेकिन हाइड्रोजन को अपनाने के बाद हम ऊर्जा के शुद्ध निर्यातक बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की सोच देश को वैश्विक लॉजिस्टिक्स का केंद्र बनाने की है। ऐसे केंद्र विकसित किये जा रहे हैं जहां राजमार्ग, रेल परिवहन, बंदरगाह और जलमार्ग सब एक ही जगह हों।

श्री गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स खर्च को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नौ प्रतिशत तक लाने का है। वर्तमान में यह 14-16 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने के लिए सरकार मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स अवसंरचना पर एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स की लागत कम होने से निर्यात बढ़ेगा, लोगों की आमदनी बढ़ेगी, उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी, कृषि का विकास होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सम्मेलन में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान संगठन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक व्यापार में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती भूमिका पर भी विचार किया गया। विभिन्न सत्रों में बेहतर व्यापार मार्ग बनाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, डिजिटल और कागज-रहित व्यापार को बढ़ावा देने, अलग-अलग परिवहन तंत्रों को बेहतर बनाने और पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक्स का समर्थन करने पर फोकस किया गया।

प्रौद्योगिकी, एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी एक सत्र का आयोजन किया गया जिसमें इस बात पर मंथन हुआ कि स्मार्ट प्रौद्योगिकी किस प्रकार आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को बदल रही है। ड्रोन-आधारित लॉजिस्टिक्स प्रोटोटाइप भी पेश किया गया।

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