रियो डी जेनेरियो , जून 07 -- पश्चिम एशिया संकट और विमान ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण इस साल विमान सेवा कंपनियों का मुनाफा घटकर आधा रह सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) की रविवार को जारी एक पूर्वानुमान में यह बात कही गयी है। वैश्विक एयरलाइन उद्योग के लिए अपने नवीनतम वित्तीय पूर्वानुमान में आयटा ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से उत्पन्न व्यवधानों और ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण विमान सेवा कंपनियों की लाभ कमाने की क्षमता लगभग आधी रह जायेगी।
आयटा ने कहा है कि विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति काफी अलग-अलग है। पश्चिम एशिया युद्ध के केंद्र में स्थित एयरलाइंस के लिए कमजोर मांग और परिचालन बाधाओं के कारण सामूहिक रूप से घाटे में जाने की संभावना है। इसके विपरीत, अन्य सभी क्षेत्रों के लाभ में रहने की उम्मीद है, लेकिन पहले के अनुमानों की तुलना में उनका मुनाफा भी कम होगा।
पूर्वानुमान में बताया गया है कि साल 2026 में दुनिया भर की विमान सेवा कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ 23 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पहले अनुमानित 41 अरब डॉलर का लगभग आधा है। यह 2025 के अनुमानित 45 अरब डॉलर के शुद्ध लाभ का भी लगभग आधा है।
इस साल शुद्ध लाभ मार्जिन भी पहले के अनुमानित 3.9 प्रतिशत की जगह दो प्रतिशत रहने की संभावना है। साल 2025 में अनुमानित लाभ मार्जिन 4.2 प्रतिशत रहा था। प्रति यात्री शुद्ध लाभ 4.50 डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि 2025 में यह 9.10 डॉलर था।
परिचालन लाभ साल 2025 के 76.4 अरब डॉलर से कम होकर 48 अरब डॉलर रहने की संभावना है। निवेश की गयी पूंजी पर प्रतिफल 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो साल 2025 के 6.6 प्रतिशत से काफी कम है।
आयटा का अनुमान है कि उद्योग का कुल राजस्व इस साल 1,165 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है, जो 2025 के 1,065 अरब डॉलर से 9.4 प्रतिशत अधिक है। भरी सीटों का अनुपात 84 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है, जबकि 2025 में यह 83.5 प्रतिशत था।
इस साल यात्रियों की संख्या 5.1 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 से 2.4 प्रतिशत अधिक होगा। कार्गो मात्रा 717 लाख टन रहने की संभावना है, जो 2025 से 0.2 फीसदी अधिक है।
आयटा के महानिदेशक विली वॉल्श ने इन आंकड़ों पर कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से संबंधित व्यवधानों और बढ़ती ईंधन लागत ने विमान सेवा उद्योग की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। वैश्विक स्तर पर एयरलाइंस की मुनाफा कमाने की क्षमता 2025 की तुलना में आधी होने की उम्मीद है। मुनाफा 2025 के 45 अरब डॉलर से घटकर इस वर्ष 23 अरब डॉलर रह जायेगा और लाभ मार्जिन 4.2 प्रतिशत से घटकर दो प्रतिशत रह जायेगा।
उन्होंने कहा कि जेट ईंधन की कीमतों में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि का असर सभी एयरलाइंस के मुनाफे पर पड़ रहा है। कुछ अतिरिक्त लागत किराये बढ़ाकर और परिचालन दक्षता सुधारकर वसूल की जा रही है, लेकिन यह पिछले वर्ष जैसा मुनाफा कमाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
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