नयी दिल्ली , मार्च 23 -- सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बीच निर्यातकों की मदद के लिए निर्यात माल को शुल्कों और करों से छूट देने की योजना - आरओडीटीईपी के अंतर्गत पुरानी दरों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने का निर्णय किया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है जो विदेश व्यापार महानिदेशालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है।
इस फैसले से शुल्क और करों में छूट की गत 22 फरवरी तक लागू दरें और मूल्य सीमा पुन: प्रभावी हो गयी हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के कारण समुद्री लॉजिस्टिक्स में चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं, जिनमें मार्ग और पारगमन पैटर्न में परिवर्तन शामिल हैं। इनका प्रभाव इस क्षेत्र में या इसके माध्यम से जाने वाले निर्यात माल के लिए लॉजिस्टिक्स लागत और जहाज से माल भेजने के कार्यक्रम पर पड़ा है। विज्ञप्ति में कहा गया है, ' बदलती भूराजनीतिक स्थिति और समुद्री व्यापार पर इसके प्रभावों को देखते हुए, सरकार ने निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना के तहत सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए दरों और मूल्य सीमाओं को 23 मार्च, 2026 से बहाल करने का निर्णय लिया है।'मंत्रालय ने कहा है कि बहाल की गई दरें वही होंगी जो 22 फरवरी, 2026 को लागू थीं और इसके लिए अधिसूचना संख्या 60/2025-26 दिनांक 23 फरवरी, 2026 के माध्यम से लगाई गई 50 प्रतिशत की पूर्व की पाबंदी वापस ले ली जाएगी।
नयी अधिसूचना के जरिए 23 फरवरी, 2026 की उपरोक्त अधिसूचना और दिनांक 24 फरवरी, 2026 के शुद्धिपत्र को निरस्त कर दिया गया है। लेकिन इससे वे कार्रवाइयां निरस्त नहीं होगी जो पहले हो चुकी हैं।
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