लखनऊ , मार्च 13 -- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मेरठ और बागपत में 56 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यटन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेरठ और बागपत महाभारत सर्किट और जैन सर्किट के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
श्री सिंह ने कहा कि इन जिलों का क्रांतिकारी इतिहास भी समृद्ध है। इन स्थलों को विकसित कर पश्चिमी यूपी को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने मेरठ के औघड़नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने मेरठ कॉलेज में आयोजित भारतीय जैन परंपरा के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शहीद स्मारक पहुंचकर पर्यटन विभाग की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं लगभग 18.45 करोड़ रुपये की लागत से पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इनमें हस्तिनापुर के समेकित पर्यटन विकास कार्य पर लगभग 15 करोड़ रुपये, परीक्षितगढ़ स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम के विकास पर 1.27 करोड़ रुपये, ग्राम मेझा स्थित गोरखधाम सेवा आश्रम के विकास पर 85.69 लाख रुपये, फतेहउल्लापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर के विकास पर 68.82 लाख रुपये तथा सती देवी मंदिर के पर्यटन विकास कार्य पर 59.30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके साथ ही मेरठ में करीब 11.76 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया। इनमें ग्राम पांचली में धनसिंह कोतवाल आर्ट गैलरी का निर्माण, नौचंदी मंदिर का पर्यटन विकास, सरधना चर्च का विकास, 1857 की क्रांति से जुड़े स्थलों और शहीद स्मारक का सौंदर्यीकरण तथा पांडेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं।
इसके बाद पर्यटन मंत्री ने बागपत के परशुराम खेड़ा पहुंचकर करीब 26 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें पुरा महादेव मंदिर के पर्यटन विकास पर लगभग 24.12 करोड़ रुपये और त्रिलोक तीर्थ धाम के विकास पर 1.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अमर शहीद बाबा शाहमल सिंह समाधि स्थल के विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
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