बेतिया , अक्टूबर 26 -- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बालसा) के निर्देश पर पश्चिम चंपारण जिले में सोमवार को सुरक्षित बचपन अभियान का शुभारंभ किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेतिया में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ने किया।

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि अभियान का पहला चरण 26 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), पैनल अधिवक्ता, साइबर सेल के पुलिस पदाधिकारी और पराविधिक स्वयंसेवक विभिन्न विद्यालयों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक और प्रभात फेरी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा चित्रकला, निबंध, स्लोगन और क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी। अभियान का दूसरा चरण 30 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2027 तक संचालित होगा।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने बच्चों के अधिकारों और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय डॉ. स्वाति दुबे ने 'मेरा बचपन, मेरा अधिकार' विषय पर बच्चों को जागरूक किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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