बेतिया , अक्टूबर 24 -- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, बेतिया के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम और सीपीआर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।शिविर में हृदय रोग, बाल हृदय रोग, बच्चों में छाती संबंधी बीमारियों और बाल चिकित्सा सर्जरी से जुड़े मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श दिया गया। इस दौरान ईसीजी, ईको, एसपीओ2, रक्तचाप, वजन और रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) की जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
मेदांता पटना के डॉ. आशीष सप्रे ने बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान को महत्वपूर्ण बताया। इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. पॉपी बाला ने कहा कि दिल की धड़कन तेज होने, चक्कर आने, बेहोशी या अनियमित धड़कन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. चंद्रशेखर सिंघा ने बच्चों में गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार पर जोर दिया।
मेदांता पटना के डायरेक्टर-क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने हृदय रोगों से बचाव के लिए नियमित जांच और स्वास्थ्य जागरूकता को जरूरी बताया।
कार्यक्रम के तहत स्थानीय चिकित्सकों के लिए सीएमई आयोजित कर हृदय एवं बाल स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। वहीं, सीपीआर प्रशिक्षण में कार्डियक अरेस्ट की पहचान, तत्काल प्रतिक्रिया और जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई।
आयोजकों ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श, चिकित्सकों के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से बिहार में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की पहल जारी रहेगी।
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