बेतिया , जुलाई 15 -- बिहार में पश्चिमी चम्पारण जिले की एक अदालत ने बुधवार को जाली नोट के कारोबार से जुड़े एक मामले में कारोबारी को 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई।
नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने जाली नोट रखने और उसके कारोबार से जुड़े एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त संतोष कुमार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि सजायाफ्ता संतोष कुमार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निनवलिया गांव का निवासी है। यह मामला 17 जून, 2010 का है। तत्कालीन नरकटियागंज रेल थानाध्यक्ष शशिभूषण सिंह को सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति ट्रेन से जाली नोट लेकर आने वाले हैं। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर निगरानी करने लगी।उन्होंने बताया कि ट्रेन के पहुंचने पर इंजन से सातवीं बोगी से उतरते ही तीनों संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर संतोष कुमार को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए।
तलाशी के दौरान संतोष कुमार के पास से एक हजार रुपये मूल्य के 48 नोट तथा 500 रुपये मूल्य के 91 नोट, कुल 93,500 रुपये बरामद किए गए। जांच में बरामद सभी नोट जाली पाए गए। इसके बाद नरकटियागंज रेल थाना में उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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