बेतिया , जुलाई 29 -- अंतरराष्ट्रीय विश्व बाघ दिवस के अवसर पर वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष के मदनपुर, वाल्मीकिनगर, गोबर्द्धना, गोनौली, हरनाटांड़, चिउटाहा, रमपुरवा, मंगुराहा तथा बेतिया वन प्रमंडल क्षेत्रों में बुधवार को स्थानीय स्कूली छात्र-छात्राओं, इको विकास समिति के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

वन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रमों के तहत स्कूली छात्रों के बीच स्लोगन लेखन, चित्रांकन, निबंध लेखन, रैली, साइकिल रैली तथा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

इस वर्ष विश्व बाघ दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन 29 जुलाई को मंगुराहा वन क्षेत्र के वन प्रमंडल-1 में किया गया। कार्यक्रम में वन एवं वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को बाघों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाघों का संरक्षण जंगलों की सुरक्षा से जुड़ा है और जंगलों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है। उन्होंने लोगों से वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

इस अवसर पर वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा, उप क्षेत्र निदेशक विकास कुमार अहलावत, उप क्षेत्र निदेशक शिवकर प्रधान, सहायक वन संरक्षक चौहान शशिभूषण कुमार सिन्हा, वन क्षेत्र पदाधिकारी मंगुराहा अंशुमन कुमार, मदनपुर के सत्यम कुमार, गोबर्द्धना की नसीम अख्तर अंसारी, गोनौली के सुनील कुमार पाठक, रमपुरवा के राजेश राम, चिउटाहा के मनोज कुमार, हरनाटांड़ के विक्रमेश राम तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, इको विकास समिति के सदस्य एवं वनकर्मी उपस्थित थे।

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