बेतिया, मई 26 -- भूमि विवाद के चलते एक ही परिवार के सदस्यों के ऊपर किए गए जानलेवा हमले के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने मंगलवार को चार लोगों को दोषी करार देते हुए दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने सभी अपराधियों के ऊपर पांच-पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
वही इसी कांड के नामजद दो अभियुक्तों को आर्म्स एक्ट के अंतर्गत भी दोषी पाते हुए उन्हें सात -साल की सजा सुनाई गई है एवं उनके ऊपर भी पांच हजार का अर्थदंड लगाया गया है। न्यायाधीश ने अर्थ दंड की राशि घायलों को देने का आदेश दिया है।
सजायाफ्ता श्याम तिवारी, किशन तिवारी, चंद्र प्रकाश तिवारी एवं चतुर्भुज तिवारी मझौलिया थाने के हरपुर गांव के रहने वाले हैं। वही न्यायाधीश ने श्याम तिवारी और किशन तिवारी को शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के अंतर्गत भी दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि घटना 12 नवंबर वर्ष 2018 की है। इस कांड के वादी विजय मणि शुक्ला के दोनों लड़के बाहर से घर आए थे और घटना के दिन में वादी अपने दोनों लड़कों एवं पोता के साथ दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान सभी अभियुक्त उनके दरवाजे पर आए और गाली देने लगे और बाद में मारपीट शुरू कर दी। इसी क्रम में श्याम तिवारी एवं किशन तिवारी ने अपने हाथ में लिए देसी कट्टा से फायर किया, जिससे वादी के पुत्र एवं पोते को गोली लगी। इस झगड़े की वजह एक जमीन विवाद था।
इस संबंध में वादी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी और इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई है।
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