नयी दिल्ली , जनवरी 21 -- महाराष्ट्र के पुणे में देश के पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, गोवा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के जल संसाधन विभागों के सचिवों ने भाग लिया।

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार बुधवार को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वी. एल. कांताराव ने जल क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझेदारी बढ़ाने के लिए पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय राज्य जल सचिवों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में अधिकारियों के अलावा विभाग के प्रमुख संगठनों के प्रमुख भी उपस्थित थे।

सम्मेलन में राज्य सरकारों द्वारा जल संसाधन क्षेत्र की मजबूती के लिए उठाए गए कदमों पर प्रस्तुतियां दी गयी और सचिव ने राज्यों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने राज्यों में चल रही विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य और अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत कर निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय पर पूरा करने और प्राथमिकता वाले कार्यों की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने पर बल दिया।

श्री कांताराव ने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास एवं कृषि विभाग के विभिन्न संगठनों की सेवाओं और कार्यों के प्रभावी उपयोग की जरूरत पर बल दिया और कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सभी राज्यों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श के वास्ते इस तरह से क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन आवश्यक है।

सचिव जल संसाधन ने पश्चिमी क्षेत्र में जल संसाधनों के सतत और प्रभावी विकास के लिए एकीकृत रणनीतियों को तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने में बैठक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संसाधन परियोजनाओं के समग्र विकास और प्रबंधन के लिए पूरी सहायता प्रदान करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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