बेंगलुरु , जुलाई 26 -- कर्नाटक में पुलिस ने पशु चिकित्सा अधिकारियों के चयन में हेरफेर के आरोपों के बाद कर्नाटक लोक सेवा आयोग के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार, आयोग के सदस्यों, अधिकारियों और 29 चयनित उम्मीदवारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज यह मामला हासन जिले के पशु चिकित्सक मंजूनाथ की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग में 400 पशु चिकित्सा अधिकारी के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया भाई-भतीजावाद, गोपनीय डेटा तक अनधिकृत पहुंच और उत्तर पुस्तिकाओं की संभावित छेड़छाड़ के कारण प्रभावित हुई थी।

इन आरोपों के बाद 17 जुलाई को जारी अंतिम चयन सूची पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आयोग के अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के उम्मीदवारों को, उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और परीक्षा प्रदर्शन में अंतर होने के बावजूद, शीर्ष रैंक दी गई।

शिकायत में सवाल उठाया गया है कि उम्मीदवारों की गोपनीय जानकारी, जैसे ओएमआर, कथित तौर पर बिचौलियों तक कैसे पहुंची। शिकायत के अनुसार, इन बिचौलियों ने उम्मीदवारों से संपर्क कर अंकों में हेरफेर करके नौकरी दिलाने का वादा किया और इसके बदले बड़ी रकम मांगी। आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों से 80 लाख रुपये तक की मांग की गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों को होटलों या रिसॉर्ट्स में ले जाया गया, उन्हें प्रश्न पत्र और उत्तर उपलब्ध कराए गए और बाद में परीक्षा केंद्रों पर लाया गया। उसने परीक्षा से पहले चयनित उम्मीदवारों की गतिविधियों की विस्तृत जांच की मांग की है। उत्तर पुस्तिकाओं की प्रामाणिकता पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है। आरोप लगाया गया है कि जिन कुछ उम्मीदवारों ने केवल सीमित संख्या में प्रश्नों के उत्तर दिए थे, उन्हें असामान्य रूप से उच्च अंक प्राप्त हुए। शिकायतकर्ता ने किसी फेरबदल की जांच के लिए ओएमआर शीट की फॉरेंसिक जांच की मांग की है।

शिकायत में परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच की भी मांग की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह संभावित कदाचार पर महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकता है।

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