नई दिल्ली , अक्टूबर 26 -- पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से जुड़े मामले में संबंधित कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। उनके कथित संदिग्ध आचरण को लेकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई है।
इस संबंध में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर रहने वालों की यह जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों की सेवा संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें। साथ ही, उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच-पड़ताल में किसी भी तरह का कदाचार साबित होने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उस घटना के एक दिन बाद उठाया गया है, जब श्रीमती गुप्ता ने बाहरी दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता से उनके स्थान पर मुलाकात की थी, जहां वह जानवरों के लिए एक आश्रय स्थल बनाने की कोशिश कर रही थीं।
श्रीमती गुप्ता मुंडका के विधायक और क्षेत्रीय सांसद के साथ वहां पहुंचीं और सुश्री मिश्रा से मुलाकात की। सुश्री मिश्रा को कथित तौर पर कुछ स्थानीय लोगों ने धमकी दी थी, और उनके निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को अचानक तोड़ दिया गया था।
उन्होंने कनिष्ठ अभियंता के आचरण की जांच के आदेश दिए थे। साथ ही पुलिस को यह निर्देश भी दिया था कि कार्यकर्ता के पशु आश्रय से जुड़े मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाए।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार नागरिकों को परेशान किए जाने या अधिकारों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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