रांची , मई 08 -- झारखंड के पलामू जिला पुलिस ने नक्सली गतिविधियों, अपराध और चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली शुरू की है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि बड़े महानगरों की तर्ज पर अब पलामू में क्यू आर कोड आधारित पुलिसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। पुलिस ने पूरे जिले में 650 ऐसे इलाकों की पहचान की है जहाँ क्यू आर कोड लगाए गए हैं। इसमें बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप और अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में सबसे अधिक लगभग 110 क्यूआर कोड लगाए गए हैं।
पेट्रोलिंग टीम (गश्ती दल) इन चिह्नित स्थानों पर पहुँचकर क्यूआर कोड को स्कैन करेगी। स्कैन करते ही जवान और टीम का पूरा डेटा सीधे पुलिस मुख्यालय और पलामू एसपी के पास पहुँच जाएगा। सारा डेटा झारखंड पुलिस के 'रक्षक' ऐप पर रियल-टाइम अपडेट होगा।
सूत्रों ने बताया कि शहरी इलाकों की जिम्मेदारी 'टाइगर मोबाइल' को दी गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों की निगरानी संबंधित बीट के पुलिस अधिकारी करेंगे। टाइगर मोबाइल के जवान दिन के साथ-साथ रात में भी इन इलाकों में दो से तीन बार जाकर अनिवार्य रूप से निगरानी करेंगे।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि अपराध और चोरी रोकने के साथ-साथ पेट्रोलिंग टीम को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए यह योजना तैयार की गई है। यह कदम न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगा।
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