मेदिनीनगर , अप्रैल 25 -- झारखंड के पलामू जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत लगातार फील्ड में सक्रिय नजर आ रहे हैं।

इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने सतबरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर खामियां सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान सीओ सह बीडीओ कार्यालय से अनुपस्थित मिले, जिससे उपायुक्त ने नाराजगी जताई।

जब उन्होंने मौजूद लिपिक से इस बारे में पूछा तो उसने बताया कि अधिकारी रास्ते में हैं, लेकिन फोन पर बातचीत में सीओ सह बीडीओ ने खुद को छुट्टी पर बताया। इस विरोधाभास पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीओ को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, वहीं झूठी जानकारी देने वाले लिपिक को निलंबित करने का आदेश दिया।

कार्यालय में कई कर्मियों के देर से पहुंचने पर भी उपायुक्त ने फटकार लगाई और साफ कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार करें, अन्यथा घर बैठने के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि आम लोगों को सरकारी काम में परेशानी हुई तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

उपायुक्त ने कार्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और निर्देश दिया कि प्रवेश द्वार पर गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि अनावश्यक लोगों का प्रवेश रोका जा सके।

भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट को लेकर उन्होंने कहा कि प्रखंड सहित पूरे जिले की पुरानी जल योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सतबरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया, जहां उन्होंने लैब टेक्नीशियन से अपनी शुगर जांच करवाई। इसके अलावा बालिका उच्च विद्यालय पहुंचकर 10वीं कक्षा की छात्राओं से संवाद किया और विद्यालय के रसोईघर व शौचालय का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।

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