चंडीगढ़ , जुलाई 21 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है।

पंचकूला के पिंजौर स्थित सेब मंडी में मंगलवार को आयोजित युवा संवाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में श्री सैनी ने वन चेतना यात्रा-2026 के तहत चार एलईडी जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैन प्रदेशभर में लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मोरनी के टिक्कर ताल को मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 1,000 युवाओं को शामिल करने और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी नियुक्त करने की भी घोषणा की। उन्होंने पिंजौर सेब मंडी के लिए बिजली सबस्टेशन, पार्किंग और अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। युवाओं से जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 75 वर्ष से अधिक पुराने वृक्षों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना लागू है, जिसके तहत प्रति वृक्ष प्रतिवर्ष 3,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा हर जिला मुख्यालय पर ऑक्सी-वैन विकसित किए जा रहे हैं तथा औषधीय पौधों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रदेशभर में 53 हर्बल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।

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