रायपुर , जुलाई 26 -- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अभी से प्रभावी प्रयास करने होंगे।

राज्यपाल रविवार को रायपुर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित 'पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन' राष्ट्रीय अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से नौ अगस्त तक रायपुर से जबलपुर तक छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा।

उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागरण का अभियान है, जिसके माध्यम से लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है और यहां के घने वन, नदियां तथा जैव-विविधता अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्रदेश की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता है।

उन्होंने जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने का आह्वान किया।

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