लखीसराय , दिसंबर 09 -- पर्यावरण भारती के संस्थापक और अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम विलास शाण्डिल्य ने मंगलवार को कहा कि पर्यावरण संकट से बचने के लिए पौधारोपण ही एकमात्र उपाय है।

श्री शाण्डिल्य ने आज कहा कि जिस तरह से देश में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, वृक्षारोपण ही उससे निजात दिला सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और बड़े महानगरों में वायु प्रदूषण 300 वायु गुणवता सूचकांक (एक्यूआई) पार कर गया हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के कारण पर्यावरण असंतुलित हो गया है और इस बात की जरूरत है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए देश का हर मनुष्य अपने घरों के आसपास कम से कम 10 पेड़ लगाये।

पर्यावरण भारती के संस्थापक ने कहा कि 09 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में अन्तर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया गया।

श्री शाण्डिल्य ने कहा कि भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए देश और प्रदेश में कठोर कानून और त्वरित न्याय की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण नागरिकों में जागरूकता बढ़ा कर और भ्रष्ट तत्वों का बहिष्कार करे हुए इससे लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लगातार कोशिश से भ्रष्टाचार नियंत्रण संभव है और इस समय संसार में शून्य भ्रष्टाचार वाले देश डेनमार्क, फिनलैंड,न्यूजीलैंड,सिंगापुर और स्वीडन है। उन्होंने कहा कि विश्व के भ्रष्टतम देश सीरिया,वेनेजुएला,यमन,तथा सूडान हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भ्रष्टाचार सूचकांक के भारत 180 देशों में 96 वां और एशिया में सबसे कम भ्रष्ट देश जापान का 20 वें स्थान पर है। पिछले एक साल में भारत 93 वें से 96 वें स्थान पर खिसक गया है।

आज अन्तर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की तरफ से देव वृक्ष पीपल के पौधे लगाये गए, जिसका नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी दयानंद शर्मा ने किया।

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