राजनांदगांव , जून 11 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यावरण प्रेमी जितेन्द्र मानसिंग साहू ने अपने जन्मदिन पर अनूठी पहल करते हुए ग्राम चांदो के पहाड़ी जंगल में 250 देशी आम की गुठलियों का रोपण किया।
साहू ने कुदाली से गड्ढे खोदकर गुठलियां जमीन में दबाईं, वहीं हाथ और गुलेल की सहायता से भी बड़ी संख्या में गुठलियां जंगल क्षेत्र में बिखेरीं, ताकि मानसून की वर्षा के साथ वे अंकुरित होकर फलदार वृक्षों का रूप ले सकें।
उन्होंने कहा कि नर्सरी से पौधे लगाने में अधिक खर्च और देखरेख की आवश्यकता होती है, जबकि गुठली रोपण एक सरल, सस्ता और प्राकृतिक उपाय है। उनका कहना है कि बारिश शुरू होते ही ये गुठलियां अंकुरित होकर जंगल को नई हरियाली प्रदान करेंगी।
उन्होंने बताया कि आम के वृक्ष भविष्य में हिरण, बंदर, तोता, कोयल सहित अनेक वन्यजीवों को फल और छाया उपलब्ध कराएंगे। इससे जंगलों में प्राकृतिक फलदार वृक्षों की संख्या बढ़ेगी तथा वन्यजीवों का गांवों की ओर रुख भी कम होगा।
इस पर्यावरणीय अभियान में योशित कुमार, काव्यांश कुमार, मोनिका साहू, वेदिका साहू और लालिमा साहू सहित कई स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया तथा गुठली रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय साहू अब तक 83 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "आज हम जो गुठलियां बो रहे हैं वही कल आने वाली पीढ़ियों को फल, छाया और स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देंगी।"साहू ने युवाओं से आम, जामुन, नीम और महुआ की गुठलियां एकत्र कर इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उनका मानना है कि पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
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