नयी दिल्ली , जुलाई 10 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रधान पीठ, नई दिल्ली की पीठ, जिसमें माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष एवं डॉ. अफरोज़ अहमद, विशेषज्ञ सदस्य शामिल थे, ने मूल आवेदन संख्या 94/2021 एवं संबद्ध मूल आवेदन संख्या 348/2024 में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया।
मामला क्रिकेट स्टेडियमों के रखरखाव में भूजल के उपयोग, उपचारित सीवेज जल (एसटीपी ट्रीटेड वाटर) के उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा भूजल संरक्षण संबंधी पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन से संबंधित है।
अधिकरण ने पाया कि केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) तथा एनजीटी द्वारा बार-बार नोटिस एवं अवसर दिए जाने के बावजूद निम्नलिखित तीन स्टेडियमों ने आवश्यक जानकारी एवं अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की-शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रायपुरसवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुरडॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम, मुंबईइन परिस्थितियों में एनजीटी ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया कि उपर्युक्त तीनों स्टेडियम अगली सुनवाई तक अधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी खेल गतिविधि का आयोजन नहीं करेंगे।
अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए भूजल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसलिए स्टेडियमों द्वारा भूजल के स्थान पर उपचारित एसटीपी जल के उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
अधिकरण ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) को प्राप्त अनुपालन रिपोर्टों के आधार पर अद्यतन समेकित विवरण तैयार करने की अनुमति भी प्रदान की है।
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त, 2026 को निर्धारित की गई है।
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