लखनऊ , जनवरी 13 -- उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को विभाग की प्रमुख और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की।
इस दौरान उन्होंने फिरोजाबाद में निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम, कल्चरल सेंटर मैनपुरी, आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स, फिरोजाबाद के विकास की रूपरेखा का गहन अवलोकन एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
श्री सिंह ने कहा कि 'फिरोजाबाद में 47 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम के करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मेक इन इंडिया के तहत बन रहा यह अपनी तरह का देश का पहला ग्लास म्यूजियम होगा, जिसमें हड़प्पा से लेकर यूरोपीय एवं अन्य देशों तक फिरोजाबाद के कांच की पहुंच के इतिहास को दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में एआर/वीआर जोन, संस्कृति से संबंधित जानकारी एवं लाइब्रेरी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करेंगे।' मंत्री ने स्पष्ट कहा, बदलाव का स्वागत है लेकिन सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ग्लास म्यूजियम के भव्य और आधुनिक आंतरिक स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी गई। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित हो रहे इस तीन मंज़िला म्यूजियम में एक ही छत के नीचे शहर की विरासत, कला और शिल्प को जीवंत रूप में प्रदर्शित करने की परिकल्पना की गई है। म्यूजियम में शहर के इतिहास से परिचय कराने वाली गैलरी के साथ-साथ प्रोडक्ट गैलरी, डिजिटल गैलरी, सोविनियर गैलरी एवं अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मंत्री जी ने गैलरियों में ब्रज, वृंदावन, नीम करौरी, बटेश्वर और रपड़ी जैसे सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के कलात्मक चित्रण को भी सम्मिलित करने का सुझाव दिया।
फिरोजाबाद की वैश्विक पहचान बन चुकी चूड़ियों सहित ग्लास की कटाई, जरी, डिज़ाइन और सामग्री निर्माण की पूरी प्रक्रिया को इस म्यूजियम में भव्यता से प्रस्तुत किया जाएगा। आगंतुकों के लिए लाइव ग्लास ब्लोइंग का अनुभव भी आकर्षण का केंद्र होगा, जहां शिल्पकारों की कला को सजीव देखा जा सकेगा। म्यूजियम में उपलब्ध सभी जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठी विरासत से सहज रूप से जुड़ सकें। आगंतुक फ्लिप बुक जोन में जहां अपनी पसंद की सामग्री देख-पढ़ सकेंगे वहीं बच्चों के लिए इंटरेक्टिव जोन भी होगा। बारकोड स्कैन के माध्यम से म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
मंत्री ने मैनपुरी में निर्माणाधीन कल्चरल सेंटर के डिजाइन एवं क्यूरेशन प्रगति की रिपोर्ट ली। संस्कृति मंत्री को बताया गया कि कल्चरल सेंटर मैनपुरी में राजा तेज सिंह से जुड़े इतिहास, मैनपुरी का नाम, ऋषियों की भूमि, 800 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम, एंट्रेंस गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, सोविनियर स्टॉल, वाच टावर एवं रिसेप्शन आदि की व्यवस्था होगी। सेंटर में विभिन्न गैलरी के माध्यम से आस्था के आयाम, वीरों की भूमि, मैनपुरी की कला-संस्कृति, राजपूत राजाओं के शासन के दौर का इतिहास, पक्षी विहार, तारकशी के इतिहास से रूबरू कराया जाएगा। महाभारत काल और पांचाल के इतिहास को डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जाएगा। सेंटर में होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के माध्यम से जैन, बुद्ध और हिंदू से जुड़े स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने विशेषकर बच्चों के लिए एआर/वीआर माध्यम के इस्तेमाल का सुझाव दिया।
पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे आर्य गुरुकुल म्यूजियम को लेकर मंत्री ने प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा और उससे जुड़ी महान विभूतियों के जीवन, विचार और योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का एक अभिनव केंद्र होगा। यहां इतिहास को लिखित एवं वीडियो वॉल के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, वेदों का अध्ययन डिजिटल माध्यम से संभव होगा। साथ ही, लाइब्रेरी और एआर/वीआर आधारित नवीन प्रयोग दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे। इसके अलावा, सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स के विकास की भी समीक्षा हुई। मंत्री कि मंदिर परिसर में बहुतायत पर्यटकों का आगमन हो रहा है, जिसे देखते हुए वोटिंग की सुविधा, वाटर फाउंटेन, पार्किंग, साइनेज आदि का विकास किया जा रहा है।
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