दरभंगा, मई 16 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. ध्रुव कुमार ने शनिवार को कहा कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है और तनाव पर नियंत्रण से ही बेहतर परिणाम संभव है।

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सामाजिक विज्ञान संकाय के तत्वावधान में स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग द्वारा "परीक्षा तनाव और उसका प्रबंधन" विषय पर आयोजित विचार-विमर्श सत्र को संबोधित करते हुए प्रोफेसर कुमार ने कहा कि माता-पिता, शिक्षकों अथवा स्वयं से अत्यधिक अपेक्षाएं रखना, सहपाठियों या भाई-बहनों से तुलना करना, तैयारी में कमी, पढ़ाई का बढ़ता दबाव तथा सिलेबस पूरा न होने का भय परीक्षा-तनाव के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में रिवीजन नहीं कर पाना भी विद्यार्थियों में तनाव बढ़ाता है।

प्रो. कुमार ने तनाव-प्रबंधन के लिए विद्यार्थियों को व्यवस्थित योजना बनाने की सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर टाइम-टेबल के अनुसार अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने रटने के बजाय विषय को समझकर पढ़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे अंतराल, जैसे 'पोमोडोरो तकनीक', अपनाने से एकाग्रता बनी रहती है। साथ ही सकारात्मक सोच विकसित करने, असफलता के भय से मुक्त रहने, पौष्टिक भोजन करने, जंक फूड से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की भी सलाह दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित