पटना , दिसंबर 22 -- आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के उप- महानिरीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों ने सोमवार को बताया कि राज्य में सक्रिय परीक्षा माफिया संजीव मुखिया गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ- साथ करीब दो दर्जन भू- माफिया और बालू माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पाटलिपुत्र सेंट्रल को- ऑपरेटिव बैंक के विकास अधिकारी भवेश कुमार सिंह की अकूत संपत्ति भी जब्त की जायेगी।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि पुलिस चालक सहित विभिन्न पदों पर भर्ती परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर कुख्यात परीक्षा माफिया संजय कुमार प्रभात और उसके गिरोह की ओर से अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर शेखपुरा जिले से संजय कुमार प्रभात को गिरफ्तार किया गया, जो संजीव मुखिया गिरोह का सक्रिय सदस्य है। इससे पहले गिरोह के चंदन कुमार उर्फ चंदन गोयल उर्फ चंदन सर की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।

उन्होंने कहा कि ईओयू ने राज्य के आठ भू- माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुये करीब 39.79 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की तैयारी की है। वहीं 11 बालू माफियाओं की लगभग 15.09 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

उप- महानिरीक्षक श्री ढिल्लों ने बताया कि इसके साथ ही ईओयू की जांच में पाटलिपुत्र सेंट्रल को- ऑपरेटिव बैंक के विकास अधिकारी भवेश कुमार सिंह के पास अनुपातहीन संपत्ति पाये जाने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। वहीं रिश्वत मांगने के मामले में तत्कालीन डीसीएलआर रमेश प्रसाद दिवाकर को न्यायालय से दोषी ठहराया गया है।

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