नयी दिल्ली , सितंबर 07 -- कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के 25 दिन बाद भी सत्रावसान नहीं करने पर हैरानी जताते हुए कहा है कि सरकार लोकसभा में परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में संसद सत्र को 'वेंटीलेटर' पर रखे हुए है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए आज ठीक 25 दिन हो गये हैं, लेकिन अभी तक उसका सत्रावसान नहीं हुआ है। सामान्य तौर पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के तीन-चार दिन बाद सत्रावसान हो जाता है।

श्री रमेश ने 2015 के मानसून सत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय स्थगन और सत्रावसान के बीच 28 दिन का अंतर रहा था। उन्होंने कहा कि वह सत्र ललित मोदी मामले को लेकर लगभग पूरी तरह बाधित रहा था, लेकिन तत्कालीन मोदी सरकार ने जीएसटी विधेयकों को पारित कराने की उम्मीद में सत्र को जारी रखा था।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा में जीएसटी विधेयकों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, जो सरकार के पास नहीं था। अंततः सरकार को विपक्ष के साथ अधिक सार्थक बातचीत करनी पड़ी और विधेयक काफी बाद में पारित हो सके।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि 2026 का मानसून सत्र 'वेंटीलेटर' पर रखा गया है, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने में लगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार कब इस वास्तविकता को स्वीकार करेगी कि उसकी "धमकी और डराने-धमकाने की राजनीति" की सीमा समाप्त हो चुकी है।

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