पटना , फरवरी 26 -- बिहार परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित राजस्व लक्ष्य से कम राजस्व वसूली पर सख्त रुख अपनाते हुये राज्य के विभिन्न जिलों के 10 जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ), 10 अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ ), कई मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ईएसआई ) सहित कुल 40 पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

इन अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने पिछले दिनों में विभागीय समीक्षा बैठक की, जहां डीटीओ, एमवीआई, ईएसआई आदि के कार्य को असंतोषजनक बताते हुए सुधार के लिए दो महीने का समय दिया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद इन पदाधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।

मंत्री श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि आगे चलकर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन उनके कार्य-प्रदर्शन के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी।विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में राजस्व वसूली लक्ष्य का महज 8 से 14 प्रतिशत ही हुई है।

गौरतलब है परिवहन मंत्री के निर्देशानुसार विभागीय पदाधिकारियों द्वारा गत कुछ महीनों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन सहित अन्य लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु विशेष प्रयास किए गए हैं। परिणामस्वरूप लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि के उद्देश्य से आगामी 15 दिनों के भीतर संबंधित पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी, जिससे कार्यप्रणाली में और सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्री श्री कुमार ने बताया कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि गंभीर प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाती है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर शेष अवधि में राजस्व संग्रहण में तेजी लाई जाए तथा लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित