नयी दिल्ली , अगस्त 28 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में पुराने भारी वाहनों को बदलने के लिए शुरू की गई 'परिवर्तन' योजना के तहत अब तक 1,300 से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं।
मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन जून को मंजूर की गई इस योजना के तहत दिल्ली और एनसीआर के हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के जिलों में पंजीकृत भारत चरण-चार या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले दो लाख से अधिक ट्रकों और बसों को भारत चरण-छह या उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को पांच वर्ष तक वाहन ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज की बचत, 10 वर्ष के लिए सड़क कर में 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट के अलावा वाहन निर्माताओं से कम से कम आठ प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
योजना गत 14 जुलाई को शुरू की गई थी और 27 अगस्त तक 1,300 से अधिक लाभार्थी पंजीकरण करा चुके हैं। योजना में वित्तीय सहायता देने के लिए 42 बैंक एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां तथा पात्र लाभार्थियों को वाहन की कीमत पर छूट देने के लिए 15 वाहन निर्माता कंपनियां जुड़ चुकी हैं। बीएस-छह डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने वालों को पांच वर्ष तक 1,200 से 4,800 रुपये के मासिक ईंधन कूपन, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को 64,000 रुपये से 2.56 लाख रुपये तक का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
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