फगवाड़ा , अक्टूबर 07 -- पंजाब में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फगवाड़ा उपमंडल के गांव रेहाना जट्टां मेंकिसान जागरूकता शिविर आयोजित कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया और फसल अवशेष के वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीके बताये।

फगवाड़ा के एसडीएम डॉ नवजोत शर्मा और पुलिस उप अधीक्षक पलविंदर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। ब्लॉक कृषि अधिकारी परमजीत माहे ने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है तथा लाभकारी कीट और पोषक तत्व नष्ट होते हैं। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने और सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर, रोटावेटर तथा बेलर जैसी कृषि मशीनों का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग इन मशीनों की खरीद पर सब्सिडी दे रहा है और सहकारी समितियों के माध्यम से किराये पर भी मशीनें उपलब्ध हैं।

श्री पलविंदर सिंह ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाने के साथ सांस संबंधी बीमारियों, दमा और आंखों में जलन का कारण बन सकता है। धुएं से सड़कों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है।

एसडीएम डॉ. शर्मा ने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांव की सरपंच गुरशिंदर सिंह ने शिविर के आयोजन में सहयोग किया। इस दौरान किसानों ने पराली नहीं जलाने की शपथ भी ली।

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