हैदराबाद , मई 26 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने मंगलवार को कहा कि मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को देखते हुए सरकार पराली जलाने की प्रथा को रोकने पर विशेष ध्यान दे रही है।

'रयतु नेस्तम' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं ताकि फसल अवशेषों को जलाने की प्रथा को पूरी तरह से हतोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पराली जलाना केवल कृषि से जुड़ा मुद्दा नहीं है बल्कि यह एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी का मामला है। मंत्री ने किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि अधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्राम स्तर के संगठनों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उन्हें मिट्टी में मिलाने की पद्धति को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें।

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