चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक पहले राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा की कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार झोटा के परिवार के साथ खड़ी है और परिवार की मांग स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया गया है। श्री मान ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ उनकी लड़ाई निर्णायक है और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे परिवार की मांग के अनुरूप उठाया गया कदम बताया।

परविंदर सिंह झोटा मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। तेरह अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के अंदर उन्हें दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। बताया गया है कि झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीले पदार्थ बेचने पर स्टोर संचालक से सवाल किया था, जिसके बाद उन पर गोली चलाई गई। मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।

झोटा की हत्या के बाद उनके परिजन और समर्थक मानसा में प्रदर्शन कर रहे हैं। परिवार ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने के फैसले के कारण घटना के सात दिन बाद भी पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सके हैं।

हत्या के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त कार्रवाई समिति बनाई है। समिति ने सीबीआई जांच के अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे तथा मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को पद से हटाने की मांग की है।

इस मामले को लेकर पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की घोषणा पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि श्री शाह के पंजाब पहुंचने से पहले ही मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंपने की मांग स्वीकार कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दबाव में है और भाजपा को राज्य में बदलाव का मौका देने की अपील की। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे परिवार की मांग के अनुरूप उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में भगवंत मान सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटती।

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