अमृतसर/मानसा , अक्टूबर 17 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने नशों के खिलाफ संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले भाई परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए भाई झोटा के संघर्ष और बलिदान को सिख कौम हमेशा याद रखेगी। उन्होंने शनिवार को भाई परविंदर सिंह झोटा के पिता बापू भीम सिंह से मुलाकात कर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब की नई पीढ़ी को नशे के घातक जाल से बचाने के लिए शुरू किए गए संघर्ष को आगे बढ़ाना समय की अहम जरूरत है। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि एसजीपीसी दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव सहायता करेगी।
एडवोकेट धामी ने कहा कि केंद्रीय सिख अजायबघर में भाई झोटा की तस्वीर लगाने का उद्देश्य नशे के खिलाफ उनके संघर्ष और पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के संकल्प को स्मरण रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्षों में योगदान देने वाले युवाओं के साहस और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने भाई झोटा के साथ घायल हुए युवकों का हालचाल भी जाना। उन्होंने घोषणा की कि एसजीपीसी प्रत्येक घायल युवक को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने कहा कि यदि घायल युवक चाहें तो उनका इलाज अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज में करवाया जाएगा और इलाज का पूरा खर्च एसजीपीसी उठाने के लिए तैयार है, ताकि उन्हें उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो।
एडवोकेट धामी ने इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही संगत के लिए लगातार लंगर सेवा जारी रखने और शौचालयों सहित अन्य जरूरी सुविधाओं का प्रबंध करने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो के जत्थेदार बाबा टेक सिंह, एसजीपीसी के अंतरिम सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, सतबीर सिंह और हरभजन सिंह वक्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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