अमृतसर , अक्टूबर 14 -- नशा तस्करों का विरोध करने वाले सिख युवक परविंदर सिंह की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने समर्थन किया है।
कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की कि बंद के समर्थन में गुरुवार को एसजीपीसी का कार्यालय और उसके सभी संस्थान बंद रहेंगे।
एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशों के दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ एसजीपीसी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परविंदर सिंह के परिवार को हरसंभव सहायता देने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब नशीले पदार्थों की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं और अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 'मीरी-पीरी खालसा मार्च' के दौरान विभिन्न गांवों में संगत के साथ संवाद करते हुए नशों की खुलेआम बिक्री से जुड़ी बातें सामने आई थीं, जिन्होंने सरकार के नशा विरोधी दावों पर सवाल खड़े किए थे।
उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि नशीले पदार्थ के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ के कारोबार के खिलाफ संघर्ष करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और नशीले पदार्थ के खात्मे के लिए घोषणाओं के बजाय ठोस तथा प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने पंजाब के लोगों से नशों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने और राज्य की युवा पीढ़ी के भविष्य की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
इस अवसर पर एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण, सदस्य सुरजीत सिंह भिट्टेवड, ओएसडी सतबीर सिंह तथा अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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