बारां , मार्च 08 -- राजस्थान के पूर्व मंत्री एवं बारां जिले के अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने कहा है कि परवन बांध पर बनने वाली पेयजल योजनाओं का हाल ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया शिलान्यास जनता के साथ धोखा है।

श्री भाया ने रविवार को यहां कहा कि परवन पेयजल परियोजनाओं का जो शिलान्यास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अब कर रही है उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का कार्य कांग्रेस शासन के दौरान ही किया जा चुका था। इस परियोजना के तहत बारां जिले के 905 गांवों एवं तीन बड़े कस्बों सहित झालावाड एवं कोटा जिले के 1405 गांवों में घर-घर पेयजल उपलब्ध करवाए जाने के लिए पेयजल टंकियों का निर्माण, घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए पेयजल पाईप लाईन बिछाने का प्रावधान किया गया था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान ही इसकी करीब 3500 करोड़ रूपए की प्रशासनिक, वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति जारी हुई और इसके टेण्डर भी दिए गए थे। श्री भाया ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार काबिज होने केे बाद राजनीतिक द्वेषता से इस परियोजना में जान-बूझकर देरी की गई और ढाई वर्ष तक इस परियोजना को लटकाए रखा गया। परवन पेयजल परियोजना को जीवनदायिनी परियोजना कहा जाता है।

श्री भाया ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई वर्ष गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार पेयजल का कोई काम नहीं कर पायी है। जिसका खामियाजा बारां, झालावाड एवं कोटा की जनता को भुगतना पड रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जितनी भी राजनीति करनी हो करे, लेकिन कम से कम विकास के कार्यो में राजनीति नहीं करे और पानी को तो कम से कम राजनीति से बख्श दे।

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