बेंगलुरु , मई 27 -- कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही सियासी अटकलों को बुधवार को उस समय और हवा मिल गई, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेंगलुरु में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'कावेरी' पर एक अहम बैठक के लिए तैयार हो गये। इस बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर आंतरिक तालमेल और भविष्य की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर दोबारा शुरू हुई चर्चाओं के बीच आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हालांकि सार्वजनिक रूप से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आलाकमान ने नेतृत्व परिवर्तन पर कोई फैसला नहीं लिया है।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेंगलुरु दौरे के बाद इस मामले पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है। उन्होंने स्वीकार किया कि नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच हुई हालिया उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी राज्य के ज्यादातर नेताओं को नहीं दी गई है। श्री परमेश्वर ने कहा, "हम नहीं जानते कि अंदरूनी तौर पर क्या चर्चा हुई। श्री सुरजेवाला कल आयेंगे और इस असमंजस को दूर करेंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से अब तक केवल सीमित जानकारी ही दी गयी है।
इन मौजूदा घटनाक्रमों की सियासी पृष्ठभूमि मंगलवार को नयी दिल्ली में हुई कांग्रेस की एक उच्च स्तरीय बैठक है, जिसमें श्री खरगे, श्री राहुल गांधी, श्री सिद्धारमैया, श्री शिवकुमार, श्री केसी वेणुगोपाल और श्री सुरजेवाला शामिल हुए थे। बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की रिपोर्टों को खारिज कर दिया था और कहा था कि बातचीत केवल सांगठनिक मामलों तक सीमित थी। इसमें आगामी राज्यसभा और कर्नाटक विधान परिषद चुनावों की तैयारियां शामिल थीं।
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