वियना , मार्च 24 -- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की ओर से जारी नये आंकड़ों के अनुसार, 1993 से अब तक हुई परमाणु एवं अन्य रेडियोधर्मी सामग्रियों की चोरी में से 55 प्रतिशत चोरियां परिवहन के दौरान हुई हैं।
आईएईए के डेटाबेस प्रोग्राम 'इंसीडेंट एंड ट्रैफिकिंग डेटाबेस' (आईटीडीबी) के आंकड़ों को अनुसार, इस अवधि के दौरान 730 रेडियोधर्मी सामग्री की चोरियों या चोरी की कोशिश की रिपोर्ट की गयी थी। उन चोरियों में से लगभग 55 प्रतिशत परिवहन के दौरान हुईं और परिवहन से संबंधित 59 प्रतिशत से अधिक मामलों (लगभग 400 घटनाएं) में चोरी की गई रेडियोधर्मी सामग्री बरामद नहीं हुई है।
आईएईए के परमाणु सुरक्षा प्रभाग की निदेशक ऐलेना बुगलोवा ने कहा, "परमाणु और अन्य रेडियोधर्मी सामग्री परिवहन के दौरान सुरक्षा खतरों के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। आईटीडीबी के आंकड़े परिवहन सुरक्षा को मजबूत करने की निरंतर आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।" उन्होंने कहा कि आईएईए देशों के अनुरोध पर उनके राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा अनुपालनों को बढ़ाने में सहायता करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी सामग्रियों का सुरक्षित प्रबंधन किया जाए और परिवहन के दौरान आपराधिक या जानबूझकर किए गए अनधिकृत कार्यों से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।
आईटीडीबी के अनुसार, हालांकि अधिकांश घटनाएं तस्करी या दुर्भावनापूर्ण इरादे से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन उनका होना परिवहन सुरक्षा, नियामक नियंत्रण, निपटान प्रथाओं और पहचान में लगातार चुनौतियों को दर्शाता है।
आंकडों के अनुसार, वर्ष 2025 में 145 आईटीडीबी सहभागी देशों में से 34 द्वारा 236 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। यह संख्या 2024 (147 घटनाएं) की तुलना में अधिक है।
गौरतलब है कि आईटीडीबी आईएईए की एक सूचना प्रणाली है, जो अवैध और गैरकानूनी परमाणु गतिविधियों से संंबंधित सूचनाएं एकत्रित करता है।
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