अमृतसर , अक्टूबर 20 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को गिराने के उद्देश्य से 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रदर्शनों और आंदोलनों को समर्थन देने तथा वित्तीय मदद देने की कथित धमकी को गंभीर मामला बताया है।
उन्होंने इसे भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विदेशी हस्तक्षेप की कोशिश करार देते हुए इसकी तत्काल जांच की मांग की।
प्रो. ख्याला ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीजेपी से सवाल किया कि क्या वे निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए किसी खालिस्तानी आतंकवादी से धन लेने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पन्नू के कथित ऐलान और सीजेपी के भारत विरोधी खालिस्तानी तत्वों से संबंधों के आरोपों की जांच होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि फंडिंग से जुड़ा दावा सही साबित होता है, तो यह केवल राजनीतिक प्रदर्शनों का मामला नहीं रहेगा, बल्कि विदेश से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश का गंभीर मुद्दा होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में खालिस्तानी तत्वों और विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
प्रो. ख्याला ने कहा कि विदेश में बैठा कोई भी खालिस्तानी नेता सिख युवाओं को अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं रखता।
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