मुरादाबाद , जनवरी 26 -- गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हस्तशिल्प जगत से जुड़ा एक गौरवपूर्ण क्षण सामने आया, जब भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित वरिष्ठ शिल्पकार चिरंजीलाल यादव को प्रदेश के मंत्री जे.पी.एस. राठौड़ ने रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में सम्मानित किया।

लगातार तीसरे वर्ष मुरादाबाद के किसी शिल्पकार को पद्मश्री सम्मान मिलना पीतल नगरी की समृद्ध परंपरा और कारीगरों की मेहनत की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का प्रतीक माना जा रहा है। 74 वर्षीय चिरंजीलाल यादव बीते पांच दशकों से अधिक समय से पीतल पर बारीक नक्काशी और जटिल हस्तकला में संलग्न हैं। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने अपनी कला के माध्यम से देश-विदेश में मुरादाबाद की पहचान स्थापित की है। इसके साथ ही उन्होंने सैकड़ों युवाओं को पारंपरिक शिल्प का प्रशिक्षण देकर इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सम्मान की सूचना मिलते ही कोतवाली क्षेत्र के गुरहट्टी स्थित उनके आवास पर कारीगरों और शुभचिंतकों का तांता लग गया। इस अवसर पर चिरंजीलाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि वह लंबे समय से इस सम्मान की प्रतीक्षा कर रहे थे और उन्हें विश्वास था कि मेहनत का फल अवश्य मिलता है।

उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद के लिए यह लगातार तीसरा पद्मश्री सम्मान है। वर्ष 2024 में दिलशाद हुसैन, 2025 में बाबूराम यादव और अब 2026 में चिरंजीलाल यादव को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।

अखिल भारतीय हस्तशिल्प बोर्ड से जुड़े कारीगरों का कहना है कि यह सम्मान मुरादाबाद के शिल्पकारों की वर्षों की मेहनत और समर्पण की मान्यता है। पीतल नगरी के कारीगर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपनी कला के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित कर रहे हैं।

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