सिरसा , जून 25 -- भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर और 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध सविता पूनिया पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने के बाद गुरुवार को अपने पैतृक गांव जोधकां पहुंचीं, जहां उनकी माता लीलावती ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।

सविता ने जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों द्वारा नागरिक सम्मान नहीं किये जाने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश, प्रदेश, जिला और गांव का नाम रोशन करने के बावजूद इस उपलब्धि पर सम्मान न मिलना उन्हें खलता है।

हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया था। इससे पहले भी सविता अर्जुन पुरस्कार और भीम अवॉर्ड सहित कई सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं।

विशेष बातचीत में सविता ने कहा कि किसी भी सम्मान से सबसे अधिक खुशी परिवार को होती है, क्योंकि उनकी सफलता के पीछे परिवार का निरंतर सहयोग रहा है। उन्होंने पद्मश्री जैसे राष्ट्रीय सम्मान में खिलाड़ियों को शामिल किए जाने को सरकार का सराहनीय कदम बताया और कहा कि इससे खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है।

सविता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खेलों को बढ़ावा देने में विशेष रुचि ले रहे हैं। हाल ही में राष्ट्रीय कप जीतने के बाद भी खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री की ओर से बधाई मिली थी। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में खेलों से जुड़ने की अपील की।

आगामी प्रतियोगिताओं को लेकर सविता ने बताया कि अगस्त में महिला हॉकी विश्व कप और सितंबर-अक्टूबर में एशियन गेम्स होने हैं। टीम की तैयारियां जोरों पर हैं और 28 जून से बेंगलुरु में प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जहां अंतिम तैयारियों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलना जरूरी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

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